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शुक्रवार, 7 मार्च 2014

शल्यक्रिया (Shalyakriya by Mamta Kalia)


मोह की यह फाँस 
अक्सर बहुत जाती आँस 
एक झटके में निकाली फेंक 
हो गयी मैं अब 
पुनः आजाद 


कवयित्री - ममता कालिया   
किताब - ममता कालिया : पचास कविताएँ, नयी सदी के लिए चयन  प्रकाशक - वाणी प्रकाशन, दिल्ली, 2012

1 टिप्पणी:

  1. झटके से ही निकलेगी ये फांस पर झटका देना आसान नहीं

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