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गुरुवार, 2 अक्टूबर 2025

मुझे अपने बूट दो (Mourid Barghouti's poem 'Give me your boots' translated into Hindi)


मुझे अपने बूट दो
मुझे अपनी बेल्ट दो
मुझे अपना ख़ाली फ़्लास्क दो
मुझे पसीने से लथपथ अपने मोज़े दो
अपनी प्रेमिका को लिखे अपने ख़त का बाक़ी आधा पेज दो
मुझे लाल से भीगे अपने कपड़े दो
मुझे अपनी पिघली हुई मशीन गन दो
मुझे पानी आख़िरी नज़र दो, तुम्हारे आख़िरी शुबहे दो
तुम्हारी हिम्मत, तुम्हारा अनिश्चय, तुम्हारे अफ़सोस,
भाग निकलने की तुम्हारी क्षणिक इच्छा,
टिके रहने का तुम्हारा फ़ैसला,
दो मुझे तुम्हारी कंपकपाहट जब जहाज़ निशाना बनाता है तुम्हारे जिगरी को
दो मुझे तुम्हारे आँसू जो अनदेखे रह गए
दो मुझे शरणार्थी शिविर का अपना पता
मैं खोजूँगा बचे हुए मकान
बचे हुए लोग
तुम्हारे परिवार के बाक़ी लोग
मैं उन्हें बताऊँगा कि तुम कितने अकेले थे
मैं उनसे तुम्हारे बारे में बात करूँगा
मैं उन्हें तुम्हारा आसरा सामान दूँगा
अगर वे क़त्लेआम में मारे नहीं गए हों

मृत शरीरों का ढेर
दिलों का ढेर
मलबे का ढेर
आकांक्षाओं का ढेर
गर्द का ढेर
सपनों का ढेर
जलकर राख हुई औरतों, बच्चों, बूढ़ों का ढेर
उस घोड़े की मृत देह जो पानी पीने की कोशिश कर रहा था,
छतों का ढेर,
खो गए पुराने रिश्तेदारों का ढेर
बच्चों की चड्ढियों का ढेर
इस मलबे में बच्चे की देह कहाँ है?

माँ कहाँ है
जिसने उसका नाम चुना, उसके पहले हफ़्ते का जन्मदिन मनाया
और उसे अपने दूध से चुप कराया?
रसोई के बर्तनों का ढेर

ख़ाक कर दी गई ख़ुशियों का ढेर
निर्माण के लिए लोहे की छड़ें
पिछवाड़े में एक सैंडल
वह औरत कहाँ है जिसने इसका साइज़, रंग और डिज़ाइन तय किया था
दुकान दुकान मोलभाव करके?
वह अहाते में गिरी और उसकी सैंडल आसमान की तरफ़ उछली ।
चीख़ों का एक ढेर
ख़ामोशी का एक ढेर
ढहे हुए मकानों का एक ढेर
कुर्सियों का एक ढेर
वह आदमी कहाँ है जिसने मेहमानों के लिए स्वागतभरी मुस्कुराहट के साथ दरवाज़ा खोला
और उन्हें खाने के बाद कॉफ़ी दी?
दवाओं का एक ढेर
वह नानी कहाँ है जो नातियों से पूछती थकती नहीं कि क्या वे रात के खाने के बाद ली जानेवाली दवाएँ हैं,
और हमेशा उसे वही जवाब मिला:
"हाँ! नानी, ये वही हैं जो तुम खाने के बाद लेती हो"
जाली हुई कॉपियों का एक ढेर
खिलौनों का एक ढेर
थकान का एक ढेर
रोष का एक ढेर
खजूरों का एक ढेर
सब के सब अब
मौत की
खामोशी के बूटे वाली सफ़ेद चादर से ढँके हुए


फ़िलिस्तीनी कवि : मुरीद बरगूती
अरबी से अंग्रेज़ी: रदवा अशूर (Radwa Ashour)
हिंदी अनुवाद : अपूर्वानंद
स्रोत : Midnight and Other poems Arc Publications, UK,2008

गुरुवार, 25 सितंबर 2025

खामोशी (Mourid Barghouti's poem translated into Hindi)



खामोशी ने कहा:
सच को वाग्मिता की ज़रूरत नहीं।
घुड़सवार की मौत के बाद
घर को मुख़ातिब घोड़ा
सब कुछ कह देता है
बिना कुछ कहे हुए।



फ़िलिस्तीनी कवि : मुरीद बरगूती
अरबी से अंग्रेज़ी: रदवा अशूर (Radwa Ashour)
हिंदी अनुवाद : अपूर्वानंद
स्रोत : Midnight and Other poems Arc Publications, UK,2008

सोमवार, 22 सितंबर 2025

छटपटाहट (Mourid Barghouti's poem 'Eagerness' translated into Hindi)



चौखट ने कहा:

काश! मैं हॉल में जा पाती।

हॉल ने कहा:

काश! मैं बाहर बालकनी में जा पाता।

बालकनी ने कहा:

काश! मैं उड़ पाती!


फ़िलिस्तीनी कवि : मुरीद बरगूती
अरबी से अंग्रेज़ी: रदवा अशूर (Radwa Ashour)
हिंदी अनुवाद : अपूर्वानंद
स्रोत : Midnight and Other poems Arc Publications, UK,2008