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गुरुवार, 27 मार्च 2014

आँसू का वज़न (Aansoo ka vazan by Kedarnath Singh)


कितनी लाख चीख़ों 
कितने करोड़ विलापों-चीत्कारों के बाद 
किसी आँख से टपकी 
एक बूँद को नाम मिला - 
आँसू 

कौन बताएगा 
बूँद से आँसू 
कितना भारी है 


कवि - केदारनाथ सिंह   
संकलन - सृष्टि पर पहरा 
प्रकाशक - राजकमल प्रकाशन, दिल्ली, 2014

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